यहां कुछ बेहद प्रभावशाली दुआओं के नाम दिए जा रहे हैं, जिन्हें हर मुसलमान को हिंदी में पढ़ना चाहिए:
भारत में हिंदी बोलने वालों की संख्या करोड़ों में है। जहां उर्दू में सहीफ़ा-ए-सज्जादिया के कई संस्करण उपलब्ध हैं, वहीं हिंदी में इसकी कमी थी। निम्नलिखित कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
Understand the context and emotion behind the words before reciting.